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इटावा में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान सुरक्षित प्रसव और गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में तेजी लाने के डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए निर्देश, कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा

जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों, टीबी उन्मूलन अभियान, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना के भुगतान और गर्भवती महिलाओं के प्रथम तिमाही पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में टीबी नोटिफिकेशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 7 अक्टूबर 2026 तक जनपद में इसकी प्रगति 92.58 प्रतिशत रही। वहीं, टीबी यूनिट राजपुर की प्रगति 49.77 प्रतिशत, भरथना की 64.92 प्रतिशत और जसवन्तनगर की 60.77 प्रतिशत दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और टीबी मरीजों की अधिक से अधिक पहचान कर उनका समय से नोटिफिकेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की शीघ्र पहचान और उपचार शुरू होने से बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (PMTBMBA) वर्ष 2026 की प्रगति 69.53 प्रतिशत बताई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा टीबी उन्मूलन के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर

बैठक में अप्रैल से सितंबर 2026 तक संस्थागत प्रसव की प्रगति की समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में जिले में 2,624 संस्थागत प्रसव हुए थे, जबकि सितंबर 2026 में यह संख्या घटकर 2,304 रह गई। जिलाधिकारी ने महेवा, बसरेहर और अन्य कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। गर्भवती महिलाओं को समय से स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने और सुरक्षित प्रसव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही निजी स्वास्थ्य केंद्रों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।

जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश

जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत लाभार्थियों के भुगतान की प्रगति 70.75 प्रतिशत बताई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भुगतान की स्थिति की नियमित समीक्षा करने तथा सभी पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

प्रथम तिमाही पंजीकरण में ताखा की प्रगति सबसे कम

गर्भवती महिलाओं के प्रथम तिमाही पंजीकरण की समीक्षा में चकरनगर की प्रगति 79.97 प्रतिशत, महेवा की 70.04 प्रतिशत, सैफई की 62.21 प्रतिशत और ताखा की 40.12 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने ताखा, सैफई, महेवा सहित कम प्रगति वाले क्षेत्रों में पंजीकरण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में पंजीकरण होने से महिलाओं को समय से प्रसवपूर्व जांच, जरूरी परामर्श और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकता है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मी गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क बनाए रखें और उन्हें समय पर पंजीकरण कराने के लिए जागरूक करें।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए और कम प्रगति वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने फील्ड स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी तय करने और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) परितोष शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) अनिल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, समस्त एमओआईसी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रजत यादव पत्रकार
जन नीति 24 इटावा
मो.7417197064

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