
विकास भवन परिसर में आयोजित विधिक कैम्प के दौरान भारत की आगामी जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना के लिए आमजन को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष स्टॉल लगाया गया। इसके माध्यम से नागरिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, उसके महत्व और जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी ने जागरूकता स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने जनगणना-2027 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन से इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण सहभागिता का अवसर है। जनगणना के आंकड़ों को विश्वसनीय और उपयोगी बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति द्वारा सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वयं और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कराते हुए स्व-गणना में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
विधिक कैम्प में लगाए गए इस स्टॉल के माध्यम से उपस्थित लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया समझाई गई और उन्हें स्वयं इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही आमजन से अपील की गई कि वे अपने परिवार, आस-पड़ोस और परिचितों को भी स्व-गणना के प्रति जागरूक करें, जिससे जनगणना-2027 का कार्य व्यापक जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
रजत यादव पत्रकार
जन नीति 24 इटावा
मो.7417197064