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इटावा में प्रसव के ऑपरेशन के बाद 30 वर्षीय महिला की मौत परिजनों ने नर्सिंग होम पर लगाया लापरवाही का आरोप पंजीकरण नवीनीकरण पर उठे सवाल

 

इटावा में महेरा चुंगी के पास स्थित निजी शीतला देवी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान ऑपरेशन के बाद 30 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल के पंजीकरण के नवीनीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, शालू (30) को प्रसव के लिए शीतला देवी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, चिकित्सकों ने महिला का ऑपरेशन किया, जिसके बाद करीब सात माह 15 दिन के गर्भ से दो बच्चों का जन्म हुआ। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया और मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम का स्वास्थ्य विभाग में पूर्व में पंजीकरण हुआ था, लेकिन इस वर्ष उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अस्पताल का पंजीकरण नवीनीकृत नहीं था तो वहां मरीजों का इलाज और प्रसव के ऑपरेशन किस आधार पर किए जा रहे थे। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि महिला का ऑपरेशन किस सर्जन अथवा चिकित्सक द्वारा किया गया और क्या संबंधित चिकित्सक के पास ऑपरेशन करने की आवश्यक योग्यता एवं अनुमति थी। इस घटना से पूर्व भी शहर में कई प्राइवेट नर्सिंग अस्पतालों में डाक्टरों द्वारा प्रसुताओं के किये गये गलत आपरेशन से कई प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। जहां सीएमओ द्वारा जांच किये जाने के नाम पर भारी रिश्वत लेकर मामले को दबा कर शांत कर दिया जाता हैं। महिला की मौत के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो आरोप है कि अस्पताल का स्टाफ मौके से चला गया। इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही महिला की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में परिजनों के आरोपों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका, चिकित्सकीय उपचार और नर्सिंग होम के पंजीकरण की स्थिति जांच का विषय है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अस्पताल का पंजीकरण वैध था या नहीं और महिला का ऑपरेशन किन परिस्थितियों में किया गया।

रजत यादव पत्रकार
मो.7417197064

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