
जनपद इटावा के तहसील सदर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जमीन संबंधी शिकायतों की भरमार रही। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनें और समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाए और जांच में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी जब भी गांवों के भ्रमण पर जाएं तो अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का मौके पर सत्यापन करें। साथ ही योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लेकर यह भी सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है।
समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद और जमीन संबंधी समस्याओं के सामने आए। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि किसी मामले के निस्तारण में देरी होने पर उसके कारण का स्पष्ट उल्लेख किया जाए और सभी प्रकरणों का अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।
पुलिस संबंधी शिकायतों पर भी दिए निर्देश
सम्पूर्ण समाधान दिवस में अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की जांच के लिए मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के बाद शासन स्तर से शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जा रहा है।
इसलिए शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी होना चाहिए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
रजत यादव पत्रकार
जन नीति 24 इटावा
मो.7417197064