
- दो तमंचे, 12 बोर की बंदूक, कारतूस, मोबाइल और कार बरामद; पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम
फ्री फायर गेम की आईडी खरीदने के नाम पर बिहार के युवकों से 2.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में इटावा पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, 12 बोर की एक बंदूक, चार जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन, 850 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त ऑल्टो कार बरामद की ह

पुलिस के अनुसार, बिहार के बक्सर जनपद निवासी अंशु कुमार ने 15 अक्टूबर को थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि फ्री फायर गेम की आईडी खरीदने के बहाने उन्हें अपने साथियों के साथ इटावा बुलाया गया। यहां आरोपियों ने मोबाइल पर गेम आईडी ट्रांसफर करा ली, लेकिन निर्धारित 2.60 लाख रुपये का भुगतान किए बिना फरार हो गए।
चेकिंग के दौरान तीनों गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर थाना सिविल लाइन और बढ़पुरा पुलिस की संयुक्त टीम 16/17 अक्टूबर की रात लायन सफारी रोड स्थित ठंडी पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना के आधार पर पुलिस ने सफेद ऑल्टो कार सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में अवैध असलहे और अन्य सामान बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओपेन्द्र भदौरिया निवासी धमना, देवेंद्र निवासी धमना और अभिराम निवासी बाहुरी, थाना बढ़पुरा क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गेमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहकर महंगी गेमिंग आईडी को निशाना बनाते थे। पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए उनके ट्रेन टिकट तक बुक कराए गए थे।
मामले में थाना सिविल लाइन पर धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज है। अवैध असलहों की बरामदगी के संबंध में आयुध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, देवेंद्र और ओपेन्द्र के विरुद्ध पूर्व में भी धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

कार्रवाई करने वाली थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक कण्व कुमार मिश्र और थाना बढ़पुरा के थानाध्यक्ष कृपाल सिंह की टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उत्साहवर्धन के लिए 20 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।