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इटावा जिला अस्पताल में निजी एंबुलेंस का जमावड़ा 8 हजार के चालान के बाद भी नहीं थमा सिलसिला मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने की चर्चाओं से उठे सवाल

इटावा जिला अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की मौजूदगी को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठकों में अस्पताल परिसर में बाहरी एवं निजी एंबुलेंस के जमावड़े पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद अस्पताल के गेट और परिसर के आसपास बड़ी संख्या में निजी एंबुलेंस खड़ी दिखाई देने की बात सामने आई है।

आरोप है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने के लिए कुछ एंबुलेंस संचालक सक्रिय रहते हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अस्पताल परिसर में लगातार निजी एंबुलेंस की मौजूदगी ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, परिसर में खड़ी निजी एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 8 हजार रुपये का चालान किया गया। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस का जमावड़ा पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।

सबसे गंभीर सवाल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठ रहे हैं। बाहरी वाहनों को अस्पताल परिसर में प्रवेश से रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले सुरक्षा कर्मियों की निगरानी कितनी प्रभावी है, इसका अंदाजा सामने आए दृश्य से लगाया जा सकता है, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन देखता नजर आ रहा है।

रोक के बावजूद कैसे पहुंच रहीं एंबुलेंस?

जब स्वास्थ्य विभाग की बैठकों में निजी एंबुलेंस को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं और कार्रवाई के तहत चालान भी किया गया है, तो फिर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में बाहरी एंबुलेंस कैसे पहुंच रही हैं? क्या अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है या फिर नियमों का पालन कराने में लापरवाही बरती जा रही है?

मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने को लेकर चल रही चर्चाओं की भी निष्पक्ष जांच की जरूरत है, ताकि यदि किसी स्तर पर मरीजों को प्रभावित करने या निजी अस्पतालों की ओर भेजने का मामला सामने आए तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

अब सवाल यह है कि जिला अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस के जमावड़े पर पूरी तरह रोक कब लगेगी और मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने की शिकायतों की जांच कब होगी? जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

रजत यादव पत्रकार
जन नीति 24 इटावा
मो.7417197064

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