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टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ

भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष और भजनों से गूंज उठा।

बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई।

गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं।

कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।

कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।

रजत यादव पत्रकार
जन नीति 24 इटावा
मो.7417197064

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