
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के आदेशों की अवहेलना करते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की तरफ से देश व्यापी हड़ताल के तहत किये जाने जनपद की करीब एक सैकड़ा सभी बैंक बंद हो जाने से हजारों खातों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज सभी बैंक कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर ताला डालकर गेट के बाहर बैठकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारे लगायें। इन बैंक कर्मचारियों ने शासन से मांग की वह हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम करेंगे तथा डीए फार्मूला एक समान नेशनल पेंशन सिस्टम ( N.P.S ) के तहत पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प देना आदि मांगों को लेकर हड़ताल की गई। इस हड़ताल के कारण हजारों खाता धारकों को चेक क्लीयरिंग कैश जमा व बैंक से रुपये निकासी जैसे कार्यों में भारी परेशानी हुई। जबकि इन बैंक कर्मचारियों को अन्य विभागों से ज्यादा सुविधाएं व हफ्ते में दो दिन का अवकाश पहले से ही दिया जाता हैं। तथा खाता धारकों के साथ बैंक से पैसा निकासी के समय दुर्व्यवहार व परेशान करते हैं। जबकि इनका आधा काम प्राइवेट ग्राहक सेवा केन्द्र सीएसपी की दूकानों से खाता धारकों को पैसा निकासी व जमा करने में परेशानी नहीं होती और इन्हें सातों दिन दूकाने खोलने का आदेश दिया गया। इनके साथ भेदभाव क्यों किया जाता हैं। जबकि इन ग्राहक सेवा केन्द्रों के संचालकों का वेतन भी नहीं सिर्फ यह मामूली कमीशन पर कार्य करने के लिए मजबूर हैं। सरकार को इन बैंक कर्मियों की मांगों पर सख्ती से पेश आना चाहिए। इन कर्मचारियों ने उस समय हड़ताल की जहां इस देश में विक्स शिखर सम्मेलन होने वाला हैं।

रजत यादव पत्रकार
जन नीति 24 इटावा
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